वाराणसी से एस.के सरोज की रिपोर्ट
चौकाघाट के डेलवरिया स्थित कबाड़ मण्डी की दुकान में स्थानीय पुलिस प्रशासन की मिली भगत से चोरी की गाड़ियों को काटने का चल रहा है खुला खेल

वाराणसी शहर के जाने माने भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र ढेलवरिया रेलवे गाटर पुल के समीप कबाड़ मण्डी में चोरी की गाड़ियों को धड़ल्ले से काटा जा रहा है। जिसके पार्ट्स को अलग अलग करके उचित मूल्यों पर विक्रय किया जा रहा है। इस पूरे मामले में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि स्थानीय सफेद पोस नेता के सह पर खुलेआम सरकारी मालकियनात को नुकसान पहुंचाए जा रहे हैं। जिसमें चौकाघाट पुलिस चौकी की भूमिका संदिग्ध है। साथ ही कबाड़ मंडी के जाने-माने व्यापारी भी सम्मिलित है। बीते महीनों एसी पी चेतगंज अनिरूद्ध कुमार के कार्यकाल के दौरान दिनांक 31 अक्टूबर सन् 2021 में कार्यवाही की गई थी। जिसका प्रभाव उस समय देखने को भी मिला था। उस समय छापेमारी के दौरान 11 ऐसी गाड़ियां पाई गई थी। जो ट्रक के नाम पर काटी जा रही थी। उन सभी का रजिस्ट्रेशन बाइक , ऑटो या किसी अन्य चार पहिया वाहन के नाम पर दर्ज था। इन सभी वाक्यों के अनुसार 10 ऐसे भी वहां मिले थे। जिनका कोई रिकॉर्ड दुकानदारों के पास नहीं था। कुल मिला जुला के 21 वाहन चोरी के होने की आशंका जताते हुए जैतपुर थाने में 6 लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था।

वर्तमान समय के शिकायतों के आधार की जानकारी पर
आज फिर से मिली जानकारी के अनुसार यह खबर लिखी जा रही है। जैतपुरा थाना अंतर्गत कबाड़ मंडी चौकाघाट में चोरियों की गाड़ियां धड़ल्ले से काटने का कारोबार चल रहा है। जिसमें स्थानीय कबाड़ मंडी के कारोबारी संलिप्त है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार संजय, वीरेन्दर कबाड़ी , बिहारी लाल, छन्नू कबाड़ी, मूलचंद्र, मखांचू कबाड़ी, बचाऊं कबाड़ी इत्यादि नए व्यापारी लोग इस काले कारोबार में नए जुड़े हैं।
मिली जानकारी अनुसार पुलिस की मिली भगत से काटी जाती है गाड़ियां
चौकाघाट पुलिस चौकी से 100 कदम की दूरी पर कमली बाबा मंदिर के ठीक सामने के बाडा में जहां पर रात में रांची के लिए बस लगती है। उसी बाडे में सुबह के लगभग 5:00 से ट्रैकों को काटने का सिलसिला चालू हो जाता है। जिसे पार्ट्स पार्ट्स अलग कर के ढ़ेलवारिया रेलवे लाइन डाट पुल के समीप कबाड़ मण्डी में स्टोर किया जाता हैं। जिस दुकान के मालिक वीरेन्द्र कबाड़ी , बचाऊं कबाड़ी, मूलचंद कबाड़ी , छन्नू कबाड़ी, व कुछ और अज्ञात कबाड़ी कारोबारी संलिप्त हैं। इस कारोबार में निकाले गए पुराने पार्ट्स को उचित दाम पर जौनपुर, मिर्जापुर, बलिया, मऊ, भदोही ,से आए हुवे ग्राहकों को अगला पिछला हाउसिंग , चेचिस, स्टेफनी रिंग सेट, कमानी, ईंजन, पटरा, ट्रक बाड़ी ओर शो, इत्यादि बेचे जाते हैं उचित मूल्यों पर यह कारोबार इधर बीच लगभग 7 से 8 महीना में जोरो शोरों से शुरू कर दिया गया हैं। जिसकी शुद्ध लेने वाला स्थानीय पुलिस प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सो रहा है और टेबल के नीचे से मलाई काट रहा है। अब देखना है की आने वाले दिनों में ऐसे भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ-साथ भ्रष्ट कारोबारी पर कब स्थानीय जिला प्रशासन कब नकेल कश्ती है।










